पिता की टीबी से मौत, बेटे ने मरीज को गोद लिया,इलाज पूरा होने तक पोषण आहार की जिम्मेदारी निभाएंगे

मनेन्द्रगढ़ जिला एमसीबी ,के शराफत अली ने संगीता सिंह नामक एक टीबी मरीज को गोद लिया है। वे मरीज के इलाज पूरा होने तक पोषण आहार की जिम्मेदारी निभाएंगे। शराफत अली ने बताया कि 1985 में उनके पिता स्वर्गीय शहाबुद्दीन अंसारी की टीबी से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने यह पहल की है।
भारत में टीबी उन्मूलन के लिए ‘नि-क्षय मित्र’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत डोनर आर्थिक रूप से कमजोर टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके इलाज की अवधि तक पोषण आहार प्रदान करते हैं। शराफत अली ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु के समय टीबी एक गंभीर बीमारी थी और परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण इलाज में दिक्कतें आईं। तब वे केवल आठ वर्ष के थे।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कुल 274 टीबी मरीज हैं, जिनमें से अकेले मनेन्द्रगढ़ ब्लॉक में 136 मरीज हैं। इनमें कई मरीज ऐसे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे उचित पोषण आहार नहीं ले पाते। श्री अली ने आम जनता से ‘नि-क्षय मित्र’ अभियान से जुड़ने का अनुरोध किया, ताकि किसी का जीवन बचाया जा सके,भारत सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार, देश में प्रति वर्ष 26 लाख लोग टीबी से ग्रसित होते हैं और इनमें से 4 लाख मरीजों की मौत हो जाती है। इसी को देखते हुए, सरकार ने टीबी मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। मरीजों को निःशुल्क दवाएं दी जाती हैं और मासिक आर्थिक सहायता 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है



