कृषि अधिकारियों का विरोध आंदोलन तेज़ काली पट्टी से जताया असंतोष

मनेन्द्रगढ़, जिला एमसीबी
छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के बैनर तले जिले के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का विरोध आंदोलन अब तेज़ हो गया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 और 9 सितम्बर को उन्होंने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर काम किया और सरकार के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया,संघ ने कहा कि वेतनमान संशोधन (4300 ग्रेड पे), मासिक यात्रा भत्ता 2500 रुपये, संसाधन भत्ता, अतिरिक्त सेवा भत्ता, पदनाम संशोधन जैसी मांगें वर्षों से अटकी हुई हैं। इसके अलावा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से कृषि विकास अधिकारी पद पर लंबित पदोन्नतियां भी अब तक पारित नहीं हुईं, जिससे अधिकारियों में नाराज़गी है।
अधिकारियों का कहना है कि विभागीय स्टाफ की भारी कमी के कारण उन पर अतिरिक्त कार्यभार डाला जाता है, लेकिन इसके लिए सम्मानजनक अतिरिक्त सेवा भत्ता नहीं दिया जाता। वहीं, गैर विभागीय कार्य जैसे फसल गिरदावरी, पंचायत चुनाव, धान उपार्जन, आंगनबाड़ी निरीक्षण आदि में लगातार लगाए जाने से उनका मूल कार्य प्रभावित हो रहा है,संघ के प्रांतीय कार्यालयीन सचिव दीपक कुमार साहू ने कहा
काली पट्टी आंदोलन हमारे धैर्य का संकेत है। यदि सरकार ने शीघ्र हमारी जायज मांगों पर ठोस पहल नहीं की तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। कृषि अधिकारी मजबूरन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे
संघ ने साफ किया है कि यह आंदोलन किसानों के हितों से समझौता किए बिना उनकी सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए है, ताकि कृषि विभाग और अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सके



