दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेंद्रगढ़ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गुरु नानक जयंती पर्व

मनेन्द्रगढ़ एमसीबी जिला जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेंद्रगढ़ में गुरु नानक जयंती का पावन पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रातः सभा के आयोजन से हुई, जिसमें विद्यालय की प्री-प्राइमरी समन्वयक श्रीमती पूनम तिवारी, प्राथमिक समन्वयक श्रीमती रशमिंदर कौर चावला तथा वरिष्ठ कंप्यूटर शिक्षक श्री सत्येंद्र कुमार ने गुरु नानक देव जी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विश्व कल्याण की कामना की
इसके पश्चात् विद्यालय के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने वाद्य यंत्रों के साथ सुमधुर कीर्तन की प्रस्तुति दी। वहीं प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हे विद्यार्थियों ने भावपूर्ण मूल मंत्र पाठ प्रस्तुत किया,कक्षा नवमी की छात्रा बानी कौर ने गुरु नानक देव जी के जीवन दर्शन सत्य बोलना, सबके साथ समानता का व्यवहार करना और निःस्वार्थ सेवा करना पर प्रकाश डाला,इसी क्रम में कक्षा तीसरी के छात्र जसनीत अरोड़ा ने गुरु नानक देव जी पर एक सुंदर कविता प्रस्तुत की। इसके बाद कक्षा दसवीं के छात्र हरनीश सिंह चावला ने लंगर सेवा की परंपरा की प्रेरणादायक कहानी सुनाई और बताया कि गुरु नानक देव जी ने “सब में एक ही परमात्मा का वास है” का संदेश दिया। उन्होंने समाज में समानता और भाईचारे का भाव स्थापित किया,वरिष्ठ छात्रों द्वारा प्रस्तुत नाट्य मंचन में गुरु नानक देव जी के आदर्शों पर आधारित प्रेरणादायक संदेश दिया गया, जिसने सभी को भावविभोर कर दिया,विद्यालय की प्राथमिक समन्वयक श्रीमती रशमिंदर कौर चावला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक जयंती हमें सत्य, भलाई और ईश्वर में विश्वास रखने की प्रेरणा देती है,संस्था के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन सादगी, सेवा और सत्य के मार्ग का प्रतीक है। उन्होंने समाज में समता, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। गुरु नानक देव जी ने तीन प्रमुख सिद्धांतों नाम जपना, कीरत करना और वंड छकना पर बल दिया। इन सिद्धांतों को अपनाकर समाज में प्रेम और सद्भावना स्थापित की जा सकती है,संस्था की निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर हम गुरु नानक देव जी के सिद्धांतों को अपने छात्र जीवन में अपनाएँ, तो हमारा जीवन सफल और सार्थक बन सकता है। उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाएँ हमें एकाग्रता, ईमानदारी और सहयोग का भाव सिखाती हैं, जो एक सच्चे विद्यार्थी और श्रेष्ठ इंसान बनने के लिए आवश्यक हैं,कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने गुरु नानक देव जी के जीवन और उपदेशों को आत्मसात करने का संदेश दिया

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